विदिशा में डिजिटल अरेस्ट का पहला मामला, नकली CBI अधिकारियों ने रिटायर्ड बिजलीकर्मी दंपत्ति से ठगे 69 लाख रुपये
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मध्यप्रदेश के विदिशा में डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी का पहला मामला सामने आया है। यहां साइबर जालसाजों ने नकली CBI अधिकारी बनकर एक सेवानिवृत्त बिजलीकर्मी और उनकी पत्नी को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने दंपत्ति को वीडियो कॉल के जरिए 25 दिनों तक घर में डिजिटल अरेस्ट रखा और इस दौरान करीब 69 लाख रुपये की ठगी कर ली।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बंटी नगर का है। जानकारी के मुताबिक, 5 अक्टूबर को आरोपियों ने एयरटेल सिम के सत्यापन के नाम पर सेवानिवृत्त बिजलीकर्मी प्रदीप कपाड़े से संपर्क किया। इसके बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। जालसाजों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को इतना भयभीत कर दिया कि वह उनकी बातों में आ गए।
आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए दंपत्ति पर लगातार निगरानी रखी। इतना ही नहीं, मोबाइल पर नकली अदालत लगाकर सुनवाई का नाटक भी किया। कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इस तरह जालसाजों ने दंपत्ति से 69 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक बैंक ट्रांजेक्शन होल्ड हो गया।
इसके बाद पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। एडिशनल एसपी मोनिका तिवारी के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस साइबर ठगों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
बाइट – मोनिका तिवारी, एडिशनल एसपी, विदिशा
बाइट – प्रदीप कपाड़े, पीड़ित ----
विदिशा में डिजिटल अरेस्ट के जरिए 69 लाख की साइबर ठगी
नकली CBI अधिकारी बनकर दंपत्ति को बनाया निशाना
वीडियो कॉल पर 25 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट
मोबाइल पर नकली अदालत लगाकर कराई गई फर्जी सुनवाई
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गठित की चार टीमें