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विदिशा जिले की नटेरन तहसील स्थित रावण गांव अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
विदिशा जिले की नटेरन तहसील स्थित रावण गांव अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध

विदिशा के रावण गांव में रावण बाबा की पूजा, दशहरे पर रावण दहन नहीं, होती है पूजा

रावण को ग्राम देवता मानते हैं गांव के लोग, विदिशा के रावण गांव में रावण लोक की मांग

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की नटेरन तहसील स्थित रावण गांव अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां रावण को ग्राम देवता मानकर पूजा जाता है। गांव के प्राचीन मंदिर में रावण की करीब 10 फीट लंबी लेटी हुई पाषाण प्रतिमा स्थापित है। दशहरे पर जहां देशभर में रावण दहन होता है, वहीं यहां पूजा, आरती, हवन और भंडारे का आयोजन किया जाता है। ग्रामीण शुभ कार्यों और विवाह से पहले रावण बाबा को निमंत्रण देते हैं। स्थानीय स्तर पर इस स्थान को रावण लोक के रूप में विकसित करने की मांग भी उठ चुकी है।

------- बाइट

  1. नरेश महाराज — मंदिर पुजारी
  2. मनीष तिवारी — ग्राम रावन निवासी
  3. ओमप्रकाश तिवारी — ग्राम निवासी
  4. ओमप्रकाश नामदेव — पीटूसी, विदिशा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।