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विकास योजनाओं के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें अधिकारी: अनिरुद्ध सिंह

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
विकास योजनाओं के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें अधिकारी: अनिरुद्ध सिंह

जिला योजना विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा

अक्तूबर 05, शिमला (हिमाचल प्रदेश): जिला योजना विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक आज बचत भवन, शिमला में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 के दौरान जिला में विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रमों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में विभागवार निर्धारित लक्ष्यों, उपलब्धियों, बजट के उपयोग, लंबित कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मनरेगा के तहत 21.58 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित किए गए हैं तथा 15,588 परिवारों को जॉब कार्ड जारी किए गए हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत 714 नए/पुनर्जीवित स्वयं सहायता समूह गठित किए गए। इनमें 399 समूहों को रिवॉल्विंग फंड तथा 285 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि उपलब्ध करवाई गई। ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत 801 के लक्ष्य के मुकाबले 344 व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2,675 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 2,643 लाभार्थियों को प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। वर्ष 2025-26 में अब तक 518 आवास स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि शिमला के आसपास ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए भूमि की तलाश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पंचायतें भी अपने स्तर पर प्लांट स्थापित करने के लिए भूमि की एनओसी उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्लांट स्थापित किए जा सकें। उन्होंने बताया कि डुम्मी पंचायत में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक प्लास्टिक मैनेजमेंट सेंटर (वेस्ट प्लांट) स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। मंत्री ने बैठक में कुछ विभागों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में समिति के सदस्य ई-मेल के माध्यम से विभागों से सवाल एवं जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत वर्ष 2025-26 में एपीएल श्रेणी में गेहूं/आटा का 14,893 मीट्रिक टन तथा चावल का 7,052 मीट्रिक टन उठान दर्ज किया गया। बीपीएल/पीएचएच श्रेणी में गेहूं/आटा 2,364 मीट्रिक टन तथा चावल 5,902 मीट्रिक टन रहा। इसी प्रकार, अंत्योदय अन्न योजना के तहत गेहूं/आटा का 10,893 मीट्रिक टन आवंटन दर्ज किया गया।

जल जीवन मिशन के तहत रामपुर सर्कल में आंशिक रूप से कवर बस्तियों के 85 के लक्ष्य के मुकाबले सभी 85 बस्तियों को कवर किया गया। स्वास्थ्य विभाग के तहत वर्ष 2025-26 में 11,479 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए। कृषि विभाग में अनुसूचित जाति के 600 परिवारों को कृषि क्षेत्र में तथा 40 परिवारों को मृदा संरक्षण के तहत सहायता प्रदान की गई।

अनुसूचित जनजाति परिवारों में कृषि क्षेत्र के तहत 80 परिवार लाभान्वित हुए। बागवानी विभाग में वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति परिवारों के लिए निर्धारित 25 के लक्ष्य के मुकाबले 25 परिवार तथा गैर-आईआरडीपी श्रेणी में 155 परिवार लाभान्वित हुए। वर्ष 2025-26 में 169 परिवार लाभान्वित हुए हैं।

अनुसूचित जनजाति परिवारों में 2024-25 में 11 तथा 2025-26 में 4 परिवारों को सहायता मिली है। पशुपालन विभाग में वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति परिवारों के लिए निर्धारित 320 के लक्ष्य के मुकाबले 320 परिवारों को लाभ मिला। वर्ष 2025-26 में 480 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 360 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं।

अनुसूचित जाति/जनजाति निगम के तहत वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति परिवारों के लिए 171 के लक्ष्य के मुकाबले 86 परिवार लाभान्वित हुए, जबकि वर्ष 2025-26 में 93 के लक्ष्य के मुकाबले 98 परिवारों को लाभ मिला है। अनुसूचित जनजाति परिवारों के लिए दोनों वर्षों में उपलब्धि अभी शून्य रही। जिला कल्याण विभाग की कंप्यूटर एप्लीकेशन योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों के लिए वर्ष 2024-25 में 266 के लक्ष्य के मुकाबले 266 की शत-प्रतिशत उपलब्धि रही आवास सब्सिडी में भी 156 के लक्ष्य के मुकाबले 156 परिवार लाभान्वित हुए।

वर्ष 2025-26 में आवास सब्सिडी के तहत 25 के लक्ष्य के मुकाबले 25 की उपलब्धि दर्ज की गई। अनुसूचित जनजाति परिवारों के लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन योजना में 23/23 तथा आवास सब्सिडी में 4/4 की उपलब्धि दर्ज हुई। वन विभाग के शिमला फॉरेस्ट सर्कल में वर्ष 2024-25 में 261 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 261 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया।

वर्ष 2025-26 में 280.031 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 278.031 हेक्टेयर उपलब्धि दर्ज हुई। रामपुर फॉरेस्ट सर्कल में वर्ष 2024-25 में 346.33 हेक्टेयर तथा वर्ष 2025-26 में 344.9 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 309.9 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण हुआ। जिला में पौधरोपण की संख्या वर्ष 2024-25 के 1,63,813 पौधों से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2,53,637 पौधे हो गई है।

प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना/लोक निर्माण विभाग के तहत शिमला 4th सर्कल में वर्ष 2024-25 में 99.415 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ, जबकि वर्ष 2025-26 में 208.145 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 98.885 किलोमीटर उपलब्धि दर्ज की गई। रोहड़ू-14 सर्कल में वर्ष 2025-26 में 299.2 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 141.87 किलोमीटर सड़क कार्य पूरा हुआ।

रामपुर बुशहर-11 सर्कल में टारिंग के 7.53 किलोमीटर लक्ष्य के मुकाबले 3.53 किलोमीटर तथा अपग्रेडेशन टारिंग में 39.92 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 18.315 किलोमीटर कार्य हुआ। बैठक में जिला योजना के तहत स्वीकृत एवं पूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 627 कार्य 27.75 करोड़ रुपए की राशि से स्वीकृत किए गए, जिनमें से 494 कार्य पूर्ण हुए और इन पर 21.46 करोड़ रुपए की राशि व्यय हुई।

वहीं 133 कार्य 6.28 करोड़ रुपए की राशि के साथ पूर्णता हेतु लंबित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 99 कार्य 5.32 करोड़ रुपए की राशि से स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 5 कार्य 13.50 लाख रुपए की राशि के साथ पूर्ण हुए हैं, जबकि 94 कार्य 5.18 करोड़ रुपए की राशि के साथ लंबित हैं। वर्ष 2024-25 में लगभग 79 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुए, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 5 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुए हैं।

वर्ष 2025-26 में विशेष रूप से SDP के 93 कार्य पूर्णता हेतु लंबित हैं। नगर निगम शिमला में वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 12 के लक्ष्य के मुकाबले 14 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए। नगर परिषद ठियोग में 7 के लक्ष्य के मुकाबले 7 स्वयं सहायता समूह गठित हुए तथा पीएम स्वनिधि के तहत 1,050 के लक्ष्य के मुकाबले 657 लाभार्थियों को लाभ मिला।

नगर परिषद रोहड़ू ने वर्ष 2025-26 में 10 स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य पूरा किया। नगर पंचायत सुन्नी में वर्ष 2025-26 में 14 EWS/LIG आवास स्वीकृत करने के लक्ष्य के मुकाबले 14 की उपलब्धि तथा 5 आवास निर्माण के लक्ष्य के मुकाबले 5 की उपलब्धि दर्ज की गई। गरीब परिवारों की सहायता में भी 14 के लक्ष्य के मुकाबले 14 की उपलब्धि रही।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि समिति का उद्देश्य जिला में विकास कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करना, योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित निगरानी करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।