विनीत मिनोचा मर्डर केस में चाभी बनी अहम साक्ष्य:बहू ने चोरी-छिपे विशाल को दी थी फ्लैट की चाभी, परेड चौराहे पर बनवाई डुप्लीकेट
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मर्डर केस में पुलिस की ओर से दाखिल रिमांड याचिका में फ्लैट की चाभियों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। कारोबारी के फ्लैट की चार चाभियां बनी हुई थीं। इनमें दो चाभियां फ्लैट में रखी रहती थीं, जबकि एक-एक चाभी सुब्रत और उसके पिता के पास थी। पुलिस के मुताबिक, घर में रखी चाभियों में से एक शालू ने चोरी-छिपे विशाल को उपलब्ध कराई थी।
पुलिस के अनुसार, डुप्लीकेट चाभी बनवाने के लिए शालू परेड चौराहे पर विशाल से मिली थी। इसके बाद दोनों चाभी की दुकान पर गए। इस दौरान सुब्रत भी उनके साथ मौजूद था। डुप्लीकेट चाभी बनने के बाद शालू ने ओरिजिनल चाभियों का सेट फ्लैट में ही छिपा दिया। पुलिस अब ओरिजिनल और डुप्लीकेट चाभियों की बरामदगी को अहम साक्ष्य मान रही है।
इसी के लिए तीनों आरोपियों से पूछताछ को 24 घंटे की रिमांड मांगी गई है। शालू दुपट्टे से चेहरा छिपाती नजर आई बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस स्काई ब्लू सूट पहनी शालू को सीजेएम कोर्ट लेकर पहुंची। उसके साथ महिला पुलिसकर्मी भी थीं। वहीं दो अन्य आरोपी राजकिशोर और विशाल गौतम भी हथकड़ी में कोर्ट पहुंचे।
हड़ताल के कारण कोर्ट में ज्यादा लोग नहीं थे। तीनों के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग आपस में चर्चा करने लगे। मीडिया कर्मियों को देखकर शालू ने दुपट्टे से चेहरा ढक लिया। वह लगातार कैमरों से बचती रही। इस दौरान उसने महिला पुलिसकर्मियों से मीडिया को रोकने के लिए भी कहा। शालू से मिलने उसके भाई और बहन भी कोर्ट पहुंचे।
तीनों आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश पुलिस ने बहू शालू, नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट में पेश किया। इसके बाद मामला एसीजेएम कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। विवेचक ने कोर्ट में बताया कि फ्लैट में रखी दो चाभियों और परेड चौराहे पर बनवाई गई डुप्लीकेट चाभी की बरामदगी करनी है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के लिए 24 घंटे की रिमांड मांगी है। साथ ही कारोबारी के बेटे सुब्रत से क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए पूछताछ की अनुमति भी मांगी गई है। बुधवार को कोर्ट में हड़ताल के कारण शालू के अधिवक्ता पेश नहीं हो सके। इसके चलते रिमांड याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है।
सुब्रत से पूछताछ के लिए सवाल तैयार रिमांड के दौरान शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर से अलग-अलग पूछताछ के लिए पुलिस ने सवाल तैयार किए हैं। सुब्रत से भी कई बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानना चाहती है कि पति-पत्नी के रिश्ते सामान्य होने के बावजूद सुब्रत को मामले की कितनी जानकारी थी।
क्या उसे विशाल और शालू की बातचीत के बारे में पता था?
जियो के नए सिम की जानकारी दोनों को थी तो क्या उसे हत्या की जानकारी नहीं थी?
पुलिस यह भी पूछेगी कि क्या शालू ने कभी अपने पति से ससुर की शिकायत की थी और विनीत ने जो वसीयत तैयार की थी, उसमें किसे क्या दिया गया था। पुलिस की जांच में सामने आईं ये कड़ियां पुलिस के मुताबिक, कॉल डिटेल में सामने आया है कि 5 सितंबर की रात सोसाइटी में दाखिल होने के बाद विशाल और राजकिशोर करीब 48 मिनट तक अपार्टमेंट परिसर में घूमते रहे।
इस दौरान दोनों ने मोबाइल पर तीन बार बात की। पुलिस को शक है कि इसी दौरान फ्लैट में दाखिल होने और हत्या की योजना को लेकर बातचीत हुई। पुलिस के अनुसार, रात 8:46 बजे विशाल और राजकिशोर शालू के कहने पर गजरा लेकर पहुंचे थे। रात 9:38 बजे दोनों अपार्टमेंट में दाखिल हुए। करीब 9:50 बजे शालू को सामान देने के बाद वे परिसर में घूमते रहे।
रात 10:38 बजे दोनों डुप्लीकेट चाभी से विनीत के फ्लैट में दाखिल हुए। करीब 20 मिनट बाद रात 10:58 बजे विनीत घर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्हें शालू के कमरे से आहट सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर दोनों आरोपी वहां छिपे मिले। इसके बाद उनके बीच संघर्ष हुआ। पुलिस के अनुसार, रात 11:05 से 11:15 बजे के बीच विनीत की हत्या हुई।
इसके बाद दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी में कैद हुए।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
इस घटना से यह सिखने को मिलता है कि छोटी-छोटी अनदेखी बातों में भी बड़े संकट के बीज छिपे हो सकते हैं। जब किसी के पास घर की चाबियाँ हों, तो उन्हें सुरक्षित रखने और सही दस्तावेज़ीकरण करने की ज़िम्मेदारी है। यदि किसी रिश्ते में विवाद उठे, तो संवाद और कानूनी मार्ग अपनाना सबसे बेहतर है। समाज को चाहिए कि हम विश्वास और पारदर्शिता के मूल्यों को बढ़ावा दें, ताकि ऐसे हादसे न हों।