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विरासत से विकास : महाकाल लोक और क्षिप्रा संवर्धन से उज्जैन की विकास

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
विरासत से विकास : महाकाल लोक और क्षिप्रा संवर्धन से उज्जैन की विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनसेवा से देश सेवा के मंत्र के साथ शुरू हुआ यह सफर निरंतर जारी है। सेवा और सुशासन की इसी सोच के साथ देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। समावेशी विकास और समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए इन प्रयासों का असर लोगों की जिंदगी में भी दिखाई दे रहा है।

आज की हमारी इस विशेष श्रृंखला में हम आपको ऐसी ही एक मिसाल से रूबरू करा रहे हैं, जहां सरकार की सोच और योजना ने जमीन पर बदलाव की तस्वीर सामने रखी है। और वह है हमारे देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की तस्वीर।

जब सांस्कृतिक पुनर्जागरण की बात होती है तो मध्य प्रदेश उसमें अग्रणी भूमिका निभाता नजर आता है। उज्जैन की पुण्य धरा पर श्री महाकाल लोक का निर्माण केवल एक स्थापत्य या निर्माण कार्य भर नहीं, बल्कि यह स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनरुद्धार का एक दिव्य प्रतीक बनकर उभरा है।

मध्य प्रदेश के इस अद्भुत सांस्कृतिक पुनर्जागरण, इसकी उपलब्धियों और भावी रोडमैप पर विस्तार से चर्चा करने के लिए हमारे साथ स्टूडियो में मौजूद हैं एक बेहद खास व्यक्तित्व। आप हैं सुप्रसिद्ध लेखक, संपादक, वरिष्ठ सांस्कृतिक कार्यकर्ता और प्रदेश के मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी जी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।