विराट कोहली ने पूरे किए 15000 वनडे रन, तोड़ा सचिन का महारिकॉर्ड
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विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल में अपने 15,000 वनडे रन पूरे कर लिए हैं. उन्होंने ये आंकड़ा वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे में छुआ.
वह 15 हजार वनडे रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने सबसे तेज 15000 वनडे रन बनाने के मामले में सचिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इसके बाद उन्होंने अपना शतक पूरा किया.
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में भारत को 296 रनों का लक्ष्य मिला था.
रोहित शर्मा 32 रन बनाकर आउट हुए थे, जिसके बाद विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए.
कोहली ने 40 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की. 29वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चौका लगाकर उन्होंने अपने 15000 वनडे रन पूरे किए.
कोहली ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड
इससे पहले सिर्फ सचिन तेंदुलकर थे, जिन्होंने वनडे में 15 हजार रन बनाए थे. सचिन ने 29 जून, 2007 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए इस आंकड़े को छुआ था. उन्होंने अपने 387वें मैच, 377वीं पारी में 15000 रन पूरे किए थे.
कोहली ने उनसे कम पारियों में इस आंकड़े को छुआ. विराट कोहली ने 315वें मैच और 303वीं पारी में 15000 वनडे रन पूरे किए.
गिल के साथ की 151 रन की साझेदारी
विराट कोहली 13वें ओवर में क्रीज पर आए थे, जब रोहित शर्मा आउट हुए थे.
कोहली ने कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी की. गिल ने अपना शतक जड़ा, उन्होंने 108 गेंदों में 110 रन बनाए.
ये साझेदारी 34वें ओवर में रॉस्टन चेस ने तोड़ी, हालांकि तब तक भारत जीत के करीब पहुंच गया था.
इसके बाद विराट कोहली ने छक्का लगाकर ही अपना शतक भी पूरा किया. उन्होंने 74 गेंदों में सेंचुरी जड़ी.
एक देश में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में भी उन्होंने सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा.
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📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है, जब उन्होंने 15,000 वनडे रन पूरे किये। यह उपलब्धि उन्हें सचिन तेंदुलकर के बाद विश्व के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बना देती है। यह रिकॉर्ड खासकर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोहली ने इसे सबसे तेज़ गति से हासिल किया, जिससे उनके बल्लेबाजी कौशल और सहनशक्ति की प्रशंसा बढ़ती है। जनता के लिए इसका अर्थ है कि भारतीय क्रिकेट में नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और देश की खेल पहचान को और मजबूती मिलेग