विरोध मार्च पर बोले गिरिराज सिंह- 'कांग्रेस राहुल गांधी का इस्तीफा मांगे क्योंकि...'
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अब राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने पूरी तरह से 'शहरी नक्सली' की भूमिका निभा ली है.
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस सांसद का एकमात्र मकसद भ्रम और अराजकता फैलाना बन चुका है. वह प्रधानमंत्री बनने की बेताब और बेचैन महत्वाकांक्षा से प्रेरित हैं.'
#WATCH | Patna, Bihar | On the INDIA Bloc protest, Union Minister Giriraj Singh says, Congress workers should now demand Rahul Gandhi's resignation, as he has fully assumed the role of an 'Urban Naxal' His sole objective has become spreading confusion and chaos He is driven by a desperate, restless ambition to become Prime Minister
ANI (@ANI) October 6, 2026
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है.
मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के तहत विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद से चुनाव आयोग तक विरोध मार्च निकाला.
विरोध प्रदर्शन के दौरान इंडी गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटों को हटाने के आरोप लगाए.
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की.
राहुल गांधी का धरना
राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग के दफ्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया.
राहुल गांधी ने कहा, 300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद उन्होंने हमें यहां बैठा दिया. चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है. वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
गिरिराज सिंह ने हाल ही में इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह शहरी नक्सली की भूमिका निभा रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। यह विषय वर्तमान राजनीतिक माहौल में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच प्रमुख दलों के बीच तीव्र टकराव को उजागर करता है। जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक अशांति बढ़े, जिससे नागरिकों के रोज़मर्रा के जीवन पर असर पड़े और चुनावी माहौल में असमंजस पैदा हो।