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वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र से झारखंड के लिए विशेष वित्तीय सहयोग की मांग की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र से झारखंड के लिए विशेष वित्तीय सहयोग की मांग की

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Short Headline: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र से झारखंड के लिए विशेष वित्तीय सहयोग की मांग की

Synopsis: नई दिल्ली में विकसित भारत के वित्तपोषण सम्मेलन में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के हितों को उठाया, केंद्र से खनन सेस, जीएसटी क्षतिपूर्ति और 90:10 अनुपात बहाल करने की मांग की।

Category: Government , Planning , Development

Deadline : 19 SEPTEMBER, NEW DELHI, RANCHI

19 सितंबर, नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण सम्मेलन में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के हितों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों को विशेष सहयोग देना जरूरी है। वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार के सामने झारखंड से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें भी रखीं।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18 और 19 सितंबर को वित्त मंत्रालय के ओर से दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हुए।

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल मजबूत अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण भी इसका आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय, जीडीपी और विनिर्माण जैसे आंकड़ों के साथ समाज की वास्तविक आर्थिक और सामाजिक स्थिति का आकलन भी जरूरी है।

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और खेती का बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में सिंचाई, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए वित्तपोषण बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश को भी प्राथमिकता देनी होगी।

झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों और खनिज क्षेत्र से जुड़े बदलावों के कारण राज्य को 20 से 22 हजार करोड़ रुपये तक की संभावित आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने राज्य की वित्तीय उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि झारखंड नीति आयोग की ‘अचीवर’ श्रेणी में शामिल है। राज्य का राजस्व संग्रह मजबूत है, राजकोषीय घाटा नियंत्रित है और पूंजीगत व्यय भी उच्च स्तर पर है।

वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से खनन पर सेस लगाने का अधिकार पुनर्बहाल करने, जीएसटी से हुई क्षति की भरपाई करने और जी-राम-जी योजना में 90:10 के अनुपात को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्यों के सशक्त होने से ही भारत विकसित राष्ट्र बन सकेगा।

सम्मेलन में झारखंड के वित्त सचिव प्रशांत कुमार, अपर सचिव कर्ण सत्यार्थी, संयुक्त सचिव चंद्रभूषण प्रसाद, मंत्री के आप्त सचिव अनिरबान आईच और नरेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड के लिए विशेष वित्तीय सहयोग की मांग की, जिसमें खनन सेस, जीएसटी क्षतिपूर्ति और 90:10 अनुपात बहाल करने की बात शामिल है। यह विषय राज्य की आर्थिक स्थिरता और विकास योजनाओं से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में बदलाव से राज्य के बजट पर सीधा असर पड़ेगा, विशेषकर खनन क्षेत्र के राजस्व पर। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि यदि मांगें स्वीकार हो जाती हैं, तो राज्य की आर्थिक क्षमता बढ़ेगी, जिससे रोजगार, बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।