वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी, EC विवाद पर राहुल गांधी के 10 बड़े आरोप
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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (24 सितंबर, 2026) को देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली, वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाते हुए 10 बड़े आरोप लगाए हैं.
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी यह सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी हमेशा चुनाव कैसे जीत जाती है? बीजेपी पर एंटी इनकंबेंसी का असर क्यों नहीं हो रहा है?
नई दिल्ली में स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, भारत में हर सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी होती है, कोई ऐसा प्रधानमंत्री नहीं है, जिसके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी नहीं आई हो, लेकिन नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी क्यों काम नहीं करता है? 10 पॉइंट्स में जानें राहुल गांधी ने क्या-क्या आरोप?
राहुल गांधी की तरफ से लगाए गए आरोप
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हेराफेरी हुई.
वोट खत्म किए जा रहे हैं. सभी चुनावों में धांधली हुई है. CEC ज्ञानेश कुमार पर दो चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए हैं. जिस पोजिशन पर ज्ञानेश कुमार बैठे हैं, उन्हें सिरियसली सोचना चाहिए. उन्हें अपना इस्तीफा दे देना चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा, मैंने 2023 से सबूतों से साथ आवाज उठाया है.
हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं वोट चोरी को साबित करने के लिए और प्रधानमंत्री और अमित शाह इस कांस्प्रेसी में शामिल हैं, ये देशद्रोही हैं.
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस देश के लोकतांत्रिक आधारशिला को खराब करने की कोशिश की है.
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर राहुल गांधी ने कहा, वोट से कानून बनते हैं.
अगर आपने वोट खत्म कर दिया, तो कानून खत्म, संस्था खत्म और लोकतंत्र खत्म हो जाता है और हिंदूस्तान का जो वोट है, उसको नष्ट कर दिया है. केंद्र सरकार ने ज्ञानेश कुमार को इम्यूनिटी दी है.
ज्ञानेश कुमार का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ जनता का संदेश का मत
वोट, कानून और संस्था की चोरी से समाज का विश्वास टूटता है, पर हमें शांतिपूर्ण संवाद और न्यायिक प्रक्रियाओं से समाधान ढूँढ़ना चाहिए। जब चुनावी धांधली या अन्याय सामने आए, तो गुस्सा या आक्रोश के बजाय शांत मन से शिकायत दर्ज कर, स्वतंत्र निकायों और अदालतों का सहारा लें। इस प्रकार हम लोकतंत्र को मजबूत करते हुए, सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित कर सकते हैं।