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यमन के हूतियों का बड़ा दावा, सऊदी सीमा पर हथियारों से लदे ट्रकों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यमन के हूतियों का बड़ा दावा, सऊदी सीमा पर हथियारों से लदे ट्रकों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला

ईरान के समर्थन वाले यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर सऊदी अरब को निशाना बनाते हुए बड़े हमले का दावा किया है.

विद्रोहियों के अनुसार, उन्होंने सऊदी-यमन सीमा पर स्थित अल-वादिया इलाके के करीब हथियारों से भरे सऊदी ट्रकों के एक काफिले को बैलिस्टिक मिसाइलों से उड़ा दिया है.

स्थानीय मिसाइलों से हमले का दावा यमन की समाचार एजेंसी के माध्यम से हूतियों ने यह जानकारी दी है कि इस भीषण हमले में इस्तेमाल की गई मिसाइलें पूरी तरह से उनके द्वारा स्थानीय स्तर पर ही निर्मित की गई थीं.

विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने अल-वादिया सैन्य शिविर की तरफ जा रहे हथियारों और भारी गोला-बारूद से लदे वाहनों की पहले बारीकी से रेकी की और फिर सटीक जानकारी मिलने के बाद उन पर सीधा वार किया. 🚨 #BreakingNews : Footage released by the Yemeni Armed Forces (Houthis) shows ballistic missile strikes hitting incoming military equipment transport trucks from Saudi territory at the Al-Wadiah camp. #Yemen #SaudiArabia #AlWadiah #Military #Geopolitics pic.twitter.com/3kjjGQVgnz — X-K (@ConflictRadarME) September 7, 2026 फुटेज में दिखा तबाही का खौफनाक मंजर इस हमले को लेकर हूती मीडिया की तरफ से एक वीडियो भी जारी किया गया है.

इस फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कैसे मिसाइल सीधे ट्रकों के काफिले से जा टकराती है, जिसके तुरंत बाद एक के बाद एक कई भयंकर धमाके होते हैं.

विस्फोट के कारण आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार उठता हुआ नजर आ रहा है.

वीडियो में यह दृश्य भी मौजूद है जहां जान बचाने के लिए सैनिक शिविर से बदहवास भाग रहे हैं.

हालांकि, किसी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था ने अभी तक इस वीडियो की सत्यता और हूतियों के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।.

ऊर्जा संयंत्रों पर हमला और सऊदी अरब की चेतावनी इस ताजा घटना से ठीक पहले मंगलवार को भी सऊदी अरब के कई दक्षिणी प्रांतों में हूतियों ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए थे.

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और गठबंधन सेना के अनुसार, जाजान, नजरान, अबहा और खमीस मुशैत जैसे इलाकों में हुए इन हमलों से तेल संयंत्रों में आग लग गई और वहां का कामकाज कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया.

इन घटनाओं में करीब तिहत्तर लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी.

इन हमलों के बाद सऊदी अरब ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक और सख्त कदम उठाएगा.

ये भी पढ़ें: UNSC में रूस-चीन ने ईरान से निभाई दोस्ती, अमेरिकी प्रतिबंध निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो युद्धविराम खत्म होने के बाद से बिगड़े हालात सऊदी अरब और हूतियों के बीच यह ताजा हिंसक संघर्ष दरअसल जुलाई महीने में टूटे एक अघोषित शांति समझौते का परिणाम है.

करीब चार साल तक चला यह अनौपचारिक युद्धविराम खत्म होने के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर से अपने चरम पर पहुंच गया है.

एक तरफ सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन सरकार विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस छीनने के लिए आक्रामक हो गई है, तो दूसरी तरफ हूतियों ने भी रियाद पर हवाई हमलों के गंभीर आरोप लगाए हैं.

हूतियों का दावा है कि सऊदी अरब ने हाल ही में एक जेल पर भी बमबारी की है, जिसमें ग्यारह लोगों की जान चली गई.

इन लगातार बिगड़ते हालातों के बीच सऊदी विदेश मंत्रालय ने हूतियों से अपने हमलों और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की घटनाओं को तुरंत रोकने की कड़ी मांग की है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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