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यात्रा की अनुमति रद्द होने पर विनोद सिन्हा ने प्रशासन पर उठाए सवाल, न्यायालय जाने का ऐलान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यात्रा की अनुमति रद्द होने पर विनोद सिन्हा ने प्रशासन पर उठाए सवाल, न्यायालय जाने का ऐलान

जोहार वंदन अभिनंदन यात्रा की अनुमति रद्द होने पर विनोद सिन्हा ने गिरिडीह जिला प्रशासन पर उठाए सवाल, न्यायालय जाने का किया ऐलान।

Short Headline: यात्रा की अनुमति रद्द होने पर विनोद सिन्हा ने प्रशासन पर उठाए सवाल, न्यायालय जाने का ऐलान

13 अक्टूबर, गिरिडीह: गिरिडीह में जोहार वंदन अभिनंदन यात्रा को लेकर उपजे विवाद के बाद समाजसेवी सह भाजपा कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अनुमति मिलने के बावजूद यात्रा को रोक दिया। विनोद सिन्हा ने इसे प्रशासन का दोहरा रवैया बताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही। साथ ही उन्होंने झंडा मैदान में जुटे लोगों के प्रति आभार जताया।

गिरिडीह में जोहार वंदन अभिनंदन यात्रा के तहत रोड शो को प्रशासन द्वारा रद्द किए जाने के बाद लेकर विवाद शुरू हो चुका है। कार्यक्रम को लेकर समाजसेवी सह भाजपा कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि यात्रा के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति मिली थी, इसके बावजूद कार्यक्रम को आगे बढ़ाने से रोका गया।

श्री सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रशासन का रवैया भेदभावपूर्ण है। उन्होंने इससे पहले बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम को रोके जाने का भी जिक्र किया। श्री सिन्हा ने सवाल उठाया कि आखिर शांतिपूर्ण और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर बार-बार ऐसी स्थिति क्यों पैदा हो रही है।

विनोद सिन्हा ने कहा कि वे कानून और संविधान में विश्वास रखते हैं, इसलिए उन्होंने टकराव का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपनी बात रखी जाएगी।

बाइट- विनोद सिन्हा, समाजसेवी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गिरिडीह जिले में जोहार वंदन अभिनंदन यात्रा के लिए अनुमति रद्द होने पर समाजसेवी विनोद सिन्हा ने प्रशासन पर सवाल उठाए और न्यायालय जाने का ऐलान किया। यह विषय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रशासनिक निर्णयों और नागरिक अधिकारों के टकराव को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि स्थानीय प्रशासन की नीतियाँ कैसे धार्मिक परंपराओं और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि धार्मिक कार्यक्रमों की योजना बनाते समय वे अधिक सावधानी बरतें, और प्

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।