'यौन उत्पीड़न, फेक तस्वीरें और...', सिल्वर मेडल विजेता केया बनर्जी ने सुनाई आपबीती
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भारतीय पॉवरपलिफ्टर केया बनर्जी ने 2026 आईपीएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेडलिफ्ट में रजत पदक जीता, जो उनके लिए बड़ी उलपब्धि थी.
उन्होंने देश का नाम रौशन किया, हालांकि इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा.
उन्होंने खुद इसके बारे में बताया कि कैसे उनके शरीर और चेहरे को मॉर्फ करके फोटो बनाई गई. उनके नाम के फर्जी अकाउंट बनाए गए, उनके बारे में आपत्तिजनक बातचीत की गई.
दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में अगस्त में आयोजित हुई आईपीएफ वर्ल्ड सब-जूनियर एंड जूनियर क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 21 वर्षीय केया बनर्जी ने हिस्सा लिया था.
जूनियर महिला 47 Kg केटेगरी के डेडलिफ्ट में 140 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने रजत पदक जीता. 280 Kg उनका टोटल स्कोर था, स्क्वाट में 90 Kg और बेंच प्रेस में 50 Kg था.
हालांकि, उनकी इस सफलता पर उन्होंने एक दूसरे पहलु का भी अनुभव किया.
उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए बताया कि अचानक मिली लोकप्रियता ने उन्हें सोशल मीडिया के एक काले पहलू से भी रूबरू कराया.
केया ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ऑनलाइन उत्पीड़न, उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल और उनके चेहरे व शरीर का इस्तेमाल करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तस्वीरें बनाने जैसी समस्याओं का जिक्र किया.
केया ने क्या लिखा?
उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "हाल ही में मैंने भारत के लिए आइपीएफ जूनियर वर्ल्ड में डेडलिफ्ट में सिल्वर मेडल जीता है.
समर्थन और पहचान मिलने की सराहना करती हूं, लेकिन एक भारतीय महिला एथलीट होने के नाते मुझे ऑनलाइन यौन उत्पीड़न, मेरे नाम से बने फर्ज़ी अकाउंट्स, मेरी जातीयता, वंश और जाति को लेकर परेशान करने वाली बातचीत और सबसे बुरी बात कि मेरे शरीर और चेहरे को बहुत ही परेशान करने वाले तरीकों से मॉर्फ और एडिट करके बनाई गई कई एआई जनरेटेड तस्वीरों का सामना करना पड़ा है.
रोज सुबह उठकर मुझे मेरी फीड (मेरे जानने वाले लोगों की फीड में भी) को इन फर्जी एआई तस्वीरों से भरा हुआ देखना काफी परेशान करने वाला है."
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📡 स्रोत: ABP Live Khel