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यूपीः बाराबंकी में सरयू के कटान से 1100 साल पुराने मंदिर पर खतरा, 10 दिन के अभियान से बचा बाबा नारायण दास मंदिर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपीः बाराबंकी में सरयू के कटान से 1100 साल पुराने मंदिर पर खतरा, 10 दिन के अभियान से बचा बाबा नारायण दास मंदिर

बाराबंकी में सरयू नदी की तेज धार और कटान के बीच हेतमापुर में करीब 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास मंदिर को फिलहाल सुरक्षित बचा लिया गया है। मंदिर पर खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन और बाढ़ खंड की टीमें करीब 10 दिनों तक लगातार बचाव कार्य में जुटी रहीं।

टीमों ने मंदिर के आसपास बोल्डर और पत्थर डालकर सुरक्षा घेरा तैयार किया और नदी की धार को मंदिर से दूर रखने का प्रयास किया। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह के मुताबिक, सरयू ने करीब 12 से 15 मीटर तक कटान किया है। जलस्तर घट रहा है, लेकिन कटान का खतरा अभी बना हुआ है। निगरानी और बचाव कार्य जारी है।

सरयू की बाढ़ से हेतमापुर में 50 से ज्यादा मकान और खेत नदी में समा चुके हैं। सरकारी टेलीफोन एक्सचेंज और एक छोटा हनुमान मंदिर भी कटान की चपेट में आया। इसी दौरान 88 वर्षीय चच्चा मुस्तफा की मंदिर को बचाने की भावुक अपील चर्चा में रही। उन्होंने कहा, “मेरी बाली ले लो, लेकिन मंदिर को सरयू में मत समाओ।” मंदिर के महंत अजय दास ने भी प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

अधिकारियों के मुताबिक, पानी करीब 23 सेंटीमीटर नीचे आया है और निगरानी जारी है।

बाइट- शशिकांत सिंह, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता

बाइट- मुस्तफा, बाढ़ पीड़ित बाइट- सतगुर शरण, बाढ़ पीड़ित

बाइट- अंकित वर्मा, बाढ़ पीड़ित

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।