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यूपीः बरेली में नकली खाद की 1200 खाद बोरियां जब्त, फैक्ट्री पर पुलिस और कृषि विभाग का छापा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपीः बरेली में नकली खाद की 1200 खाद बोरियां जब्त, फैक्ट्री पर पुलिस और कृषि विभाग का छापा

बरेली में गेहूं की बुवाई शुरू होने से पहले बरेली में कथित नकली खाद तैयार करने के कारोबार का खुलासा हुआ है। जिला कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुखारा मोड़, करेली रोड स्थित आयुष्मान फर्टीलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापा मारा। टीम ने फैक्ट्री में सघन तलाशी ली। जांच टीम के मुताबिक, सरकारी यूरिया और डीएपी की बोरियों को फाड़कर खाद को निजी कंपनी की बोरियों में भरा जाता था।

मौके से करीब 1200 खाद की बोरियां, यूरिया, डीएपी, अन्य खाद, मिट्टी के ढेर और कोयले की बोरियां बरामद कर जब्त की गई हैं। आरोप है कि इन्हें बॉयलर में प्रोसेस कर डीएपी जैसी खाद तैयार की जाती थी। टीम ने संदिग्ध खाद के नमूने लेकर सील कर दिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा है। पूछताछ में हिरासत में लिए गए कर्मचारियों ने कथित तौर पर बताया कि एक कट्टा तैयार करने में करीब 250 रुपये खर्च आता था, जिसे 1400 रुपये में बेचने की योजना थी।

सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि कृषि विभाग की तहरीर पर आयुष अग्रवाल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। लैब रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बाइट: आशुतोष शिवम (सीओ सिटी)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बरेली में नकली खाद के उत्पादन का खुलासा हुआ, जहाँ आयुष्मान फर्टीलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड में 1200 बोरियाँ जब्त हुईं। यह विषय नकली खाद के इस्तेमाल से किसानों को नुकसान और खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालने के इर्द-गिर्द घूमता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि नकली खाद से फसल की गुणवत्ता घटती है और किसानों की आय पर असर पड़ता है, साथ ही खाद्य सुरक्षा पर भी प्रश्न उठते हैं। आम जनता पर इसका असर दोहरा है: किसानों को सस्ती परंतु हानिकारक खाद से बचाया जाएगा, और उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पौष्टिक अनाज की आशा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।