अपराध

यूपी के गाजियाबाद में रावण के पुतले में ब्लास्ट, 5 लोग घायल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपी के गाजियाबाद में रावण के पुतले में ब्लास्ट, 5 लोग घायल

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के लाजपत नगर में सोमवार सुबह रामलीला के लिए रावण का पुतला तैयार करते समय बड़ा हादसा हो गया। पुतले में पटाखे भरते वक्त अचानक ब्लास्ट हो गया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें दो को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और तीन को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर है, जबकि कुछ को मामूली चोटें आई हैं।

पुलिस एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना के मुताबिक, लाजपत नगर में शनि चौकी के पास स्थित सामुदायिक भवन में रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पुतले में पटाखे भरते समय अचानक आग लग गई और पटाखों में ब्लास्ट हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक, मौके पर पटाखे बनाने या बेचने का कोई काम नहीं हो रहा था। पिलखुवा निवासी अनिल सिंह को रावण का पुतला तैयार करने का ठेका दिया गया था और उसके कारीगर व मजदूर पुतला तैयार कर रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पटाखे भरने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

बाइट: अमित सक्सेना, एसीपी साहिबाबाद

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र में रामलीला के दौरान रावण के पुतले में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे पाँच लोग घायल हुए। यह घटना धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान पटाखे इस्तेमाल से जुड़ी सुरक्षा जोखिमों को उजागर करती है। ऐसी घटनाएँ समाज में पटाखों के उपयोग पर पुनर्विचार की मांग करती हैं, क्योंकि यह न केवल प्रतिभागियों के लिए खतरा पैदा करती है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर भी बोझ डालती है। नागरिकों को यह याद दिलाता है कि धार्मिक परंपराओं में भी सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है, त

🎙️ जनता का संदेश का मत

गाजियाबाद में रावण पुतले के ब्लास्ट से घायल पाँच लोगों के प्रति गहरी संवेदना। ऐसे हादसों से बचने के लिए पटाखे भरते समय सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। समाज में जबरदस्ती या अज्ञानता से उत्पन्न दुर्घटनाएँ अक्सर अनदेखी हो जाती हैं। हमें न केवल दुर्घटना के बाद मदद करनी चाहिए, बल्कि सुरक्षित अभ्यास, शिक्षा और सामुदायिक निगरानी से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास करना चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।