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यूपीः मुरादाबाद में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में हुई सुनवाई, ध्वस्तीकरण पर लगी रोक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपीः मुरादाबाद में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में हुई सुनवाई, ध्वस्तीकरण पर लगी रोक

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में शुक्रवार को मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान यूनिवर्सिटी की ओर से अधिवक्ता जुनैद एहजाज ने कहा कि यूनिवर्सिटी से जुड़े नक्शे और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रामपुर जिलाधिकारी कार्यालय में जमा हैं।

उन्होंने न्यायालय से इन अभिलेखों को डीएम कार्यालय से मंगवाने की मांग की। इस पर मंडलायुक्त न्यायालय ने निर्देश दिया कि यूनिवर्सिटी की ओर से आवेदन किए जाने पर नियमानुसार संबंधित नक्शे और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। न्यायालय ने दोनों पक्षों को आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।

सरकारी अधिवक्ता दिनेश चौहान ने बताया कि डीएम कार्यालय को दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में आदेश दिए गए हैं। मामले में यूनिवर्सिटी के नक्शों और दस्तावेजों को लेकर लगातार सुनवाई चल रही है। फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर लगी रोक बरकरार है। मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी।

बाइट- दिनेश चौहान, सरकारी अधिवक्ता बाइट - मोहम्मद जुनैद एजाज, यूनिवर्सिटी अधिवक्ता

💡 पृष्ठभूमि (Background)

जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय में सुनवाई हुई, जहाँ यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता ने दस्तावेजों की माँग की। यह विषय विश्वविद्यालय के बुनियादी ढाँचे के संरक्षण और विकास को लेकर है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ध्वस्तीकरण पर रोक से शिक्षा संस्थान के संचालन और छात्रों के अध्ययन पर सीधा असर पड़ सकता है। यदि निर्णय अनुकूल नहीं रहा तो विश्वविद्यालय के भवनों का पुनर्निर्माण और संसाधनों का पुनः आवंटन आवश्यक हो सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और शिक्षा की गुणवत्ता पर प्र

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।