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यूपीः प्रयागराज में महानवमी पर मां अलोप शंकरी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपीः प्रयागराज में महानवमी पर मां अलोप शंकरी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

प्रयागराज में शारदीय नवरात्र की नवमी पर मां अलोप शंकरी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अलोपीबाग स्थित 51 शक्तिपीठों में शामिल इस मंदिर में भोर से ही दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु नारियल, चुनरी और पूजा की थाली लेकर मां के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

इस दौरान मंदिर परिसर में जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने मां से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मां अलोप शंकरी मंदिर की खास विशेषता यह है कि यहां देवी की पारंपरिक मूर्ति के बजाय पवित्र पालने की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता सती के दाहिने हाथ का पंजा यहां गिरकर अदृश्य हो गया था, इसलिए इस स्थान का नाम अलोप शंकरी पड़ा।

मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर परिसर के पवित्र कुंड में दूध, दही और मेवे अर्पित करते हैं। नवविवाहित जोड़े सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए पहुंचते हैं। यहां बच्चों का मुंडन संस्कार कराने की परंपरा भी प्रचलित है।

बाइट- महंत यमुना पुरी जी, महाराज मंदिर प्रबंधक महानिर्वाणी अखाड़ा

बाइट- श्रद्धालु

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।