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यूपीआई ग्राहकों के लिए निःशुल्क बना रहेगा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूपीआई ग्राहकों के लिए निःशुल्क बना रहेगा

रायपुर, 17 सितंबर 2026

एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति को किये गये यूपीआई लेनदेन बिना किसी राशि‍ सीमा के पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे। सरकार में सूत्रों ने बताया कि यूपीआई ग्राहकों के लिए निःशुल्क बना रहेगा। मित्रो को पैसे भेजने पर, दुकानों पर भुगतान करने या क्यूआर कोड स्कैन कर लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

सूत्रों ने बताया कि यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से प्रति माह एक लाख रुपये तक कमाने वाले विक्रेताओं पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। उन्‍होंने बताया कि रु-पे डेबिट कार्ड से जुड़े यूपीआई लेनदेन भी निःशुल्क रहेंगे।

सूत्रों के अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत लोगों द्वारा व्‍यापारियों को किये गये यूपीआई लेनदेन अप्रभावित रहेंगे, हालांकि रेलवे और ईंधन के लिए दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रति लेनदेन पांच रुपये का मर्चेंट डिस्‍काउंट रेट -एमडीआर लागू होगा। दो हजार रुपये से अधिक के केवल बड़े व्यापारी लेनदेन पर शून्‍य दशमलव 4 प्रतिशत का एमडीआर लागू होगा, जिसका भुगतान व्यापारियों को करना होगा।

सूत्रों ने बताया कि छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कोष स्थापित किया जाएगा। कुल एमडीआर संग्रह के पांच प्रतिशत के बराबर राशि इस कोष में योगदान के रूप में दी जाएगी। यह राशि भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र में यूपीआई की व्यापक स्वीकृति, निरंतर उपयोग और छोटे व्यवसायों के समावेश को बढ़ावा देगी।

नई यूपीआई कार्यनीति यूपीआई के दीर्घकालिक उपयोग को बढावा देने के साथ लोगों के लिए भुगतान को निःशुल्क बनाए रखने और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करती है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर यूपीआई (Unified Payments Interface) के निःशुल्क उपयोग को लेकर है, जहाँ व्यक्ति से व्यक्ति तक के लेनदेन पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। यह कदम डिजिटल भुगतान को और भी सुलभ बनाने के लिए सरकार का प्रयास है। इस बदलाव से उपभोक्ताओं को पैसे भेजने, दुकानों में भुगतान करने और QR कोड स्कैन करने पर खर्च कम होगा, जिससे रोज़मर्रा के वित्तीय कार्य आसान होंगे। परिणामस्वरूप, छोटे व्यवसायों और सामान्य नागरिकों के लिए नकदी रहित लेनदेन की लागत घटेगी, जिससे आर्थिक समावेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था की वृद्धि को बढ़ा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।