खेल

यूसुफ पठान को 15 करोड़ का प्लॉट फ्री में मिला:गुजरात सरकार से 14 साल से चल रहा था विवाद, 4 महीने पहले TMC ममता गुट छोड़ा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
यूसुफ पठान को 15 करोड़ का प्लॉट फ्री में मिला:गुजरात सरकार से 14 साल से चल रहा था विवाद, 4 महीने पहले TMC ममता गुट छोड़ा

गुजरात सरकार ने सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का प्लॉट देने की मंजूरी दे दी है। इसकी कुल कीमत 20.53 करोड़ रुपए है। इसमें 500 वर्ग मीटर जमीन फ्री दी जाएगी, जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए है। यानी कि युसुफ पठान को बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन के लिए तय कीमत का 55% यानी करीब 5.52 करोड़ रुपए ही देने होंगे।

इस संबंध में सोमवार को वडोदरा नगर निगम के आयुक्त ने कमेटी को यह प्रस्ताव पेश किया था। इसी मामले को लेकर आज नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया। इस जमीन को लेकर गुजरात सरकार और यूसुफ पठान के बीच 14 साल से विवाद था। यूसुफ पठान 14 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे।

उनके साथ TMC के 19 अन्य सांसदों के भी पार्टी छोड़ने का दावा किया गया था। गुजरात सरकार के इस फैसले का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। कांग्रेसी पार्षदों ने नगर निगम में 'वोट चोर भाजपा', 'साजिश चोर भाजपा', 'एक वोट की कीमत 15 करोड़ रुपए' जैसे स्लोगन वाले पोस्टर लहराए। अब जानिए पूरा मामला यह मामला वडोदरा के तंडलजा के TP-22 में 978 वर्ग मीटर के प्लॉट के आवंटन से जुड़ा है।

इस प्लॉट को लेकर पिछले 14 वर्षों से यूसुफ पठान और नगर निगम के बीच विवाद चल रहा है। पूरे 978 वर्ग मीटर प्लॉट की कीमत लगभग 20.53 करोड़ रुपए है। वर्ष 2012 में, यूसुफ पठान ने इस प्लॉट के आवंटन की मांग की थी। हालांकि 2014 में गुजरात सरकार ने इस प्लॉट के आवंटन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और युसुफ पठान से कब्जा हटाने को कहा था।

इसके बाद यह विवाद जारी रहा और 2024 में मामला अदालत तक पहुंच गया, जहां पर भी पूर्व क्रिकेट को कोई राहत नहीं मिली। लेकिन लंबे समय से चल रहे इस विवाद में, अगस्त 2026 में गुजरात हाईकोर्ट से अपील वापस ले ली गई थी। कांग्रेस नगर अध्यक्ष ऋत्विज जोशी ने कहा कि भाजपा नेताओं ने 978 वर्ग मीटर का सरकारी भूखंड यूसुफ पठान को दे दिया।

भाई सरकारी दामाद क्यों?

वडोदरा का कोई भी नागरिक अगर सरकारी भूखंडों पर कोई गतिविधि करता है, तो उससे 5 से 10 हजार रुपए तक किराया वसूला जाता है। यूसुफ पठान के पास 14 साल से कब्जा था। अगर 14 साल की गिनती करें तो यूसुफ पठान से 8 करोड़ रुपए से अधिक वसूला जाना चाहिए था। जब यूसुफ पठान TMC में थे, तब उन पर केस दर्ज करवा दिय

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।