युवा अधिवक्ता की करंट लगने से मौत के मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग
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जिला अभिभाषक संघ भोपाल ने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की
भोपाल। डीबी मॉल के सामने बिजली के खंभे में करंट लगने से युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में जिला अभिभाषक संघ भोपाल ने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
जिला अभिभाषक संघ भोपाल के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने थाना एमपी नगर प्रभारी को दिए आवेदन में बताया कि 27 सितंबर 2026 की रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी अपने मित्रों के साथ डीबी मॉल जा रहे थे। इसी दौरान डीबी मॉल के सामने सड़क पर डिवाइडर के पास लगे बिजली के खंभे में खुले एवं लटकते तारों के कारण करंट प्रवाहित हो रहा था। जमीन पर भी खुले तार पड़े होने की बात आवेदन में कही गई है। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मृत्यु हो गई।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि यह घटना मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, लोक निर्माण विभाग, मेट्रो, स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम भोपाल से संबंधित लापरवाही और उपेक्षा के कारण हुई। जिला अभिभाषक संघ ने घटना को गंभीर मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जिला अभिभाषक संघ भोपाल के होनहार युवा अधिवक्ता की इस प्रकार हुई दुखद एवं असामयिक मृत्यु को लेकर संघ में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आवेदन में घटना को हत्या बताते हुए जिम्मेदार दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
जिला अभिभाषक संघ ने पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर भोपाल में एक युवा अधिवक्ता की बिजली के खंभे से करंट लगने पर हुई मृत्यु के मामले में जिला अभिभाषक संघ द्वारा संबंधित विभागों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग के बारे में है। यह विषय सार्वजनिक सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि नागरिकों की जान बचाने के लिए प्रशासनिक निकाय कितनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, और क्या सरकारी एजेंसियों को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि सुरक्षा मानकों मे
🎙️ जनता का संदेश का मत
युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की दुखद मृत्यु हमें याद दिलाती है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का पालन अनिवार्य है। सरकार व नागरिकों को मिलकर बिजली के खंभों की नियमित जाँच, चेतावनी बोर्ड और आपातकालीन संपर्क सुनिश्चित करना चाहिए। इस घटना से समाज को सीख मिलती है कि जिम्मेदारी साझा करके हम अनावश्यक जोखिमों को टाल सकते हैं। आइए, मिलकर सुरक्षित भविष्य का निर्माण करें, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।